पटना: किसान आंदोलन में फंडिंग को लेकर जेडीयू ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. जेडीयू के प्रवक्ता सुहेली मेहता ने आरोप लगाते हुए कहा कि अब कांग्रेस के पास कोई मुद्दा बचा नहीं है. किसानों ने अपनी बात रखी थी, लेकिन अब कांग्रेस इस आंदोलन को फंड करने का काम कर कर रही है. हमें बहुत पहले से पता है कि कांग्रेस राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की सलाह पर देश को खत्म करने की कोशिश कर रही है. पार्टी को खुद के विस्तार के लिए फंडिंग करनी चाहिए वरना भारत का लोकतंत्र खत्म हो जाएगा. यह स्थिति है कि कांग्रेस का बिहार में तीन पार्टियों के साथ गठबंधन हुआ लेकिन परिणाम क्या आया यह सब जानते है.

वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय मयूख ने कहा, ‘कांग्रेस क्या चाहती है पता नहीं, पर लगता है कि कांग्रेस देश को रोकना चाहती है. किसान भाइयों के जो संबंध नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ हैं वह देश के किसी भी राजनेता के साथ नहीं. राहुल गांधी को किसानों की बात नहीं करनी चाहिए क्योंकि कांग्रेस नेताओं के किसानों की जमीन हड़पने के जो मामले हैं, अगर उसका संज्ञान लिया जाए तो किसानों का हित होगा. उन लोगों ने किसानों की जमीन पर बड़े-बड़े महल खड़े किए थे, तो क्या वो किसानों के हितेषी हैं? इसलिए मेरा मानना है कि राहुल गांधी और कांग्रेस किसानों के हितेषी नहीं है, किसानों की सच्ची हितेषी बीजेपी और एनडीए हैं.’

इधर, किसान आंदोलन में कांग्रेस के फंडिंग के लेकर सत्ता पक्ष के द्वारा लगाए गए आरोपों पर आरजेडी कांग्रेस के समर्थन में हुई खड़ी नजर आई. पार्टी के एमएलसी रामबली चंद्रवंशी ने कहा, ‘सरकार बैकफुट पर आ गई है. बीजेपी को लग रहा है कि अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए है तो अब इसलिए पार्टी तरह-तरह के लांछन लगा रही है कि कांग्रेस फंडिंग कर रही है. कांग्रेस पर इस तरह का आरोप लगाना कहीं से उचित नहीं है, बीजेपी सरकार में है और किसानों से बात करके जल्द इस आंदोलन को खत्म करना चाहिए. ठंड में किसानों की हालत खराब हो रहे हैं, वह मर रहे हैं जो प्रधानमंत्री का तानाशाही रवैया का प्रतीक बनता जा रहा है.

 कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा, ‘बीजेपी बेशर्म पार्टी है. सुशील कुमार मोदी (Sushil Modi) और नरेंद्र मोदी के बारे में कुछ कहना नहीं है. पहले यह बताएं पर्टी आखिर किसके साथ है किसान के साथ या उद्योगपतियों के साथ हैं. आंदोलनकारी किसानों को पहले खालिस्तानी और पाकिस्तानी कहते थे अब कह रहे हैं हम उन्हें फंडिंग दे रहे हैं. पहले बीजेपी यह बताएं सड़क पर जो किसान सड़क पर उतरे हैं वह भारत के किसान है या नहीं और दूसरी बात नरेंद्र मोदी जी यह स्पष्ट करें कि वह भारत के सवा सौ करोड़ लोगों के साथ हैं या 15 उद्योगपतियों के साथ हैं.’

 

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